Category: The Bar

cycling with dad

बड़े बाबू, छोटे बाबू

वर्ष 1996 की बात है| पिताजी एक गवरमेंट इन्टर कालेज में कार्यरत थे, और मां एक स्कूल में टीचर| बड़े भाईसाब ने दूसरी कक्षा में सर्वप्रथम आकर तीसरी कक्षा में दाखिला लिया था, इसलिए अब हम भाई बहन की विगत अठखेलियों के प्रति उनका कुछ ऐसा रवैया हो चुका था, […]

मैं समझता हूँ – I understand

” डैड! आई लव सुप्रिया ” बेटी कि आवाज़ ने जैसे उसे अतीत के किसी खोये हुए कोने में धकेल दिया था। वो अतीत जो इतने उपचारों और तिरस्कारों के बाद अब काल्पनिक सा महसूस होता है। अपनी पहली मँगनी से 4 दिन पहले कि वो रात जब अनिल ने […]